उपन्यास समीक्षा - उसे पारिजात बनना था: एक अनाम आत्मीयता की कहानी- लेखिका -श्रुति कात्यायनी
Visit us at : www. jamshedpurresearchreview.com# उपन्यास समीक्षा उसे पारिजात बनना था: एक अनाम आत्मीयता की कहानी • किताब का नाम: उसे पारिजात बनना था • लेखिका: श्रुति कात्यायनी • प्रकाशक: DPS Publishing House • मूल्य: ₹295/- _______________________________________________________________________________ कुछ उपन्यास अपनी कहानी के कारण याद रहते हैं और कुछ अपने भीतर उपस्थित उन संबंधों के कारण, जिन्हें कोई निश्चित नाम देना संभव नहीं होता। ‘उसे पारिजात बनना था' इसी दूसरी श्रेणी का उपन्यास है। यह मूलतः एक ऐसे बुद्धिमान, संवेदनशील लेकिन कुछ हद तक आत्मकेंद्रित युवक और उसके जीवन में लगातार उपस्थित रहने वाली एक युवती की कहानी है, जिनके संबंध को लेखक ने प्रेम या मित्रता जैसे सुविधाजनक शब्दों में बाँधने से परहेज किया है। कहानी की शुरुआत ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक लड़की से होती है। पिता का तबादला होने के कारण उसे नया शहर और नया स्कूल मिलता है। इसी स्कूल में उसकी मुलाकात आकाश से होती है। आकाश विद्यालय का लोकप्रिय, मेधावी और प्रभावशाली विद्यार्थी है। उसके आसपास विद्यार्थियों की भीड़...